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प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक!

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 प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक! भागती जीवन शैली, पारिवारिक कलह, संबंधो में आई खटास, पश्चिमी शैली के अंधानुकरण में सिमटी इस  पीढी के लिए जहां सही व गलत का अर्थ समझना मुश्किल हो रहा है इस ऊहापोह   से यूवाओ को निकालते जननायक श्री प्रेम आनंद जी जिनके  मात्र दर्शन करने के लिए हर उम्र ,हर वर्ण के श्रद्धालु पूरी रात सड़कों पर जमघट लगाए रहते हैं तो आईए जानते हैं दिव्य पुरुष श्री प्रेमानंद जी महाराज जी के बारे में प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक! जन्म एवं बचपन।  प्रेमानंद जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सिरसौल गांव में हुआ था इनके बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडे था उनके पिता का नाम श्री शंभू पांडे और मां का नाम श्रीमती रमा देवी था  13 वर्ष की उम्र में इन्होंने घर को त्याग कर संन्यास ले लिया था   श्री प्रेमानंद जी महाराज  ने संन्यास के समय ज्यादातर वाराणसी के घाटों में व्यतीत किया और संतों के सानिध्य में  रहकर ईश्वर की आराधना की  प्रेमानंद जी महाराज वर्तमान समय में वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज में...

आसान नहीं होता रतन टाटा बनना

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  आसान नहीं होता रतन टाटा बनना  एक सामान्य सा दिखने वाला आदमी कितना गंभीर ,दूरदर्शी राष्ट्र प्रेमी और राष्ट्रीय विषयों पर कितना विनम्र व उत्साही हो सकता है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है -सर रतन टाटा ,जिस पीढ़ी ने  उनके कार्य प्रणाली व सादगी को जीवंत देखा है उनके लिए इस युग में उनसे बड़ा मोटिवेशनल और कोई ढूंढना मुश्किल होगा उनकी गंभीरता को देखकर यकीनन हमें गागर में सागर भरने की कलम  विकसित करनी पड़ेगी Ratan tata a Nobel personality  जन्म एवं बचपन  रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को मुंबई में एक पारसी परिवार में हुआ। इनके पिता नोवल  टाटा थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में और स्नातक न्यूयॉर्क शहर अमेरिका से हुई। Noble thought  दान देना आसान नहीं होता।  रतन टाटा एक ऐसे  व्यवसायी थे जिन्हें लोगों का सहयोग करना एवं स्वच्छ एवं साफ-सुथरे उद्देश्यों को हमेशा ही दान करके बढ़ाने में सहयोग करते रहते थे।वर्ष 2008 में टाटा ने जहां से स्नातक किया कार्नेल विश्वविद्यालय  न्यूयॉर्क को 50  मिलियन डॉलर का दान दिया। विश्वविद्यालय के इतिहास में ...

Australian open tennis grand slam 2024

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 ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस ग्रैंड स्लैम, 2024 (Australian Open Tennis Grand Slam, 2024.) ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में साल का पहला ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस 14 से 28 जनवरी के मध्य आयोजित किया जा रहा है।यह टेनिस कैलेंडर का सबसे पहले खेला जाने वाला ग्रैंड स्लैम है। यह हार्ड कोर्ट में खेले जाने वाला ग्रैंड स्लैम है।इसकी शुरुआत 1905 में हुई थी।1969 में इसका आधिकारिक रूप से नाम ऑस्ट्रेलियाई ओपन रख दिया गया,तो आईए जानते हैं कुछ दिलचस्प बातें ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस ग्रैंड स्लैम 2024(Australian open tennis grand slam 2024) के बारे में। Australian open tennis grand slam 2024 टेनिस क्या है और कैसे खेला जाता है?  टेनिस एकल या युगल खिलाड़ियों के मध्य खेला जाने वाला खेल है। इसमें खिलाड़ी तारों से बने बल्ले जिसे रैकेट कहते हैं के द्वारा टेनिस गेंद जो की रबड़ की बनी होती है खोखली एवं गोल होती है को मैदान में जिसे कोर्ट कहते हैं इसे जाल  के ऊपर से खेलते हैं।इस खेल में गेंद को विरोधी सतह  पर एक टपका खिलाने के उद्देश्य खेला जाता है। ऐसा करने पर पॉइंट या अंक प्राप्त होते हैं औ...

Lakshadeep

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 Lakshadeep  लक्षद्वीप। अर्थात लाख दीपों का समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर इस दीप समूह की कुछ खूबसूरत फोटो अपने अकाउंट में क्या डाला पूरे विश्व की मीडिया की निगाहें लक्षद्वीप के सुंदरता देखने के लिए लालायित हो गई तो ए हम भी जानते हैं लक्षद्वीप(Lakshadeep)  के बारे में Lakshadeep  भौगोलिक।( Geographic) भारत के दक्षिणी पश्चिमी तट से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अरब महासागर में यह दीप समूह सिर्फ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला है और भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है जिसकी राजधानी कावर्ती है और उसकी वर्तमान जनसंख्या 70 हजार 365 है यह दीप एक विशाल समुद्र पर्वत श्रृंखलाचागोश- लक्षद्वीप प्रवाल भित्ति के सबसे ऊपरी हिस्से हैं। लक्षद्वीप का भारत में विलय।  यह दीप मुस्लिम बहुल राज्य है जिसकी 96% आबादी मुस्लिम है 36 दीपों में केवल 10 पर ही लोग रहते हैं सन 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल की सक्रियता एवं सजगता से इसे भारत में विलय कराया गया इसके विलय में मुदलियार भाइयों का योगदान अविस्मरणीय रहा है 1 नंवबर 1956 में इसका गठन किया गया। Also read  ...

Welcome 2024

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 Welcome  2024 समय की घड़ी किसी के लिए रुकने वाली नहीं है। नए उत्साह नई उमंग के साथ वर्ष 2024 हमारे  जीवन में नई आशा व ऊर्जा का संचार करते हुए आ रहा है वर्ष 2024 में 366 दिन हैं। यह एक लीप वर्ष है. आइए करते हैं वेलकम 2024 (Welcome 2024)को- Welcome 2024 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाएं जो वर्ष भर चर्चा का केंद्र बनी रहेगी। १-संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2024 को अंतरराष्ट्रीय कैमलिड वर्ष  घोषित किया। इसका उद्देश्य विश्व के 90 देश में पाए जाने वाले शाकाहारी ऊंट के बारे में जानकारी व जागरूकता पैदा करना ताकि इनका जीवन स्तर बढ़ाया जा सके। २-विश्व मौसम संगठन(WMO)  ने एल नीनो की उपस्थिति अप्रैल 2024 तक बताई है। इससे मौसम के मिजाज पर असर पड़ेगा। वह तापमान में वृद्धि होगी। ३-T20 विश्व कप 4 से 30 जून को अमेरिका और वेस्टइंडीज में होना है ४--26 जुलाई 2024 से 11 अगस्त 2024 तक ओलंपिक फ्रांस की राजधानी पेरिस में खेला जाएगा। ओलंपिक के चार प्रकार! होते हैं  1.ग्रीष्मकालीन 2. शीतकालीन 3. पैरालंपिक और  4.राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ५-लड़कों का अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 19 जनवरी से ...

Good bye 2023

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Good bye 2023 समय का पहिया सेकंड- सेकंड करके हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा समय चुरा लेता है ऐसा ही कुछ वर्ष 2023 के साथ है जो शुरू तो बड़े उत्साह के साथ हुआ और अपनी खट्टी मीठी यादों के साथ आज हमें छोड़ता हुआ जा रहा है तो आईए जानते हैं गागर में सागर भरते हुए वर्ष 2023 की कुछ प्रमुख यादें और व्यक्तित्व जो साल भर छाए रहे तो आइए करते हैं Good bye 2023 को।  Good bye 2023 भारत बना नंबर वन।  अप्रैल 2023 में जनसंख्या वृद्धि के मामले में भारत ने चीन को पछड़ाते हुए विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन गया वर्तमान भारतीय जनसंख्या  1.43 अरब  से अधिक है। अंतरिक्ष में भारत का जलवा।  अंतरिक्ष में भारत ने जलवा बिखेरते  हुए दो महत्वपूर्ण काम किया 1- भारत का मिशन चंद्रयान-3  भारत ने 14 जुलाई 2023 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एल वी एम 3 M4 के द्वारा चांद की दक्षिणी ध्रुव पर लैंड कराकर इतिहास रच दिया। दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त 2023 को लैंडिंग करने वाला भारत पहला देश बना तथा चांद की सतह पर कारनामा  करने वाला भारत चौथा देश बना। इसका बजट...

OPS verses NPS 2023

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पुरानी पेंशन स्कीम वर्सेस, नई पेंशन स्कीम।(OPS verses NPS )2023 31 दिसंबर 2003 तक सभी शासकीय कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन को। पुरानी पेंशन स्कीम या फैमिली पेंशन कहा जाता है इस पेंशन स्कीम में पेंशन की पूरी वित्त्तीय देनदारी  शासन की रहती थी कर्मचारियों की सैलरी से कोई रकम पेंशन के नाम पर नहीं काटी जाती थी।                   OPS verses NPS 2023 पेंशन का इतिहास?(Pension history) टाइम लाइन  १-भारत में पेंशन की उत्पत्ति ब्रिटिश शासन 1881 से हुई। २- सन 1924 में रॉयल कमीशन द्वारा अपने शासकीय कर्मचारियों को सक्रिय सेवा के दौरान आधे वेतन को पेंशन के रूप में देने की सिफारिश की गई।  ३-भारत सरकार अधिनियम 1935 के ज्यादातर प्रावधानों को भारत सरकार द्वारा अपने में समाहित कर लेने से यह आजाद भारत में अस्तित्व में आई। ४- 1 जनवरी 2004 को अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इसको समाप्त करके नई पेंशन स्कीम को प्रभाव में लाया गया। ५- पश्चिम बंगाल तथा  त्रिपुरा ऐसे राज्य थे जिन्होंने जनवरी 2004 से एनपीएस को लागू नहीं किया था। ६- त...