प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक!
प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक! भागती जीवन शैली, पारिवारिक कलह, संबंधो में आई खटास, पश्चिमी शैली के अंधानुकरण में सिमटी इस पीढी के लिए जहां सही व गलत का अर्थ समझना मुश्किल हो रहा है इस ऊहापोह से यूवाओ को निकालते जननायक श्री प्रेम आनंद जी जिनके मात्र दर्शन करने के लिए हर उम्र ,हर वर्ण के श्रद्धालु पूरी रात सड़कों पर जमघट लगाए रहते हैं तो आईए जानते हैं दिव्य पुरुष श्री प्रेमानंद जी महाराज जी के बारे में प्रेमानंद जी महाराज आस्था के जननायक! जन्म एवं बचपन। प्रेमानंद जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सिरसौल गांव में हुआ था इनके बचपन का नाम अनिरुद्ध पांडे था उनके पिता का नाम श्री शंभू पांडे और मां का नाम श्रीमती रमा देवी था 13 वर्ष की उम्र में इन्होंने घर को त्याग कर संन्यास ले लिया था श्री प्रेमानंद जी महाराज ने संन्यास के समय ज्यादातर वाराणसी के घाटों में व्यतीत किया और संतों के सानिध्य में रहकर ईश्वर की आराधना की प्रेमानंद जी महाराज वर्तमान समय में वृंदावन के श्री हित राधा केली कुंज में...