World computer literacy day
2023-विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस 2023।
कंप्यूटर आज के समय की वह मशीन या तकनीक है जिसके बिना आज के मानव को जीवन यापन करना असंभव है आज यह कंप्यूटर हमारे समाज की सबसे बडी जरूरत बन गया जिसके बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते अतः इस दिन की उपयोगिता(World computer literacy day 2023) आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
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| World Computer literacy day 2023 |
कंप्यूटर क्या है?(what is Computer)
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो निर्धारित आंकड़ों(Feed input) को दिए गए निर्देशों के आधार पर।
( Process) करके वास्तविक व शीघृ परिणाम प्रदान करता है।
कंप्यूटर के भाग
कंप्यूटर के मुख्यतः दो भाग पाए जाते हैं
1-पहला हार्डवेयर
2-दूसरा सॉफ्टवेयर
हार्डवेयर कंप्यूटर की वह हिस्से हैं जिसे हम आसानी से छू या देख सकते हैं जैसे माउस, कीबोर्ड ,मॉनिटर इत्यादि
सॉफ्टवेयर
कंप्यूटर के वह हिस्से जो हमें दिखाई नहीं देते किंतु उसकी पूरी कार्य प्रणाली का आधार है जैसे सॉफ्टवेयर प्रोग्राम किसी विशेष कार्य को करने के लिए निर्देशो की संख्या उदाहरण ऑपरेटिंग सॉफ्टवेयर ,एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर
कंप्यूटर की भाषा।Computer language
कंप्यूटर बाइनरी कोड पर कार्य करता है। इनको पढ़ना और उपयोग में लाना काफी कठिन काम है। कुछ प्रमुख लैंग्वेज है जैसे बेसिक ,पास्कल इत्यादि
कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई बिट होती है। बाइनरी सिस्टम में इसके दो मान होते हैं। 0 और 1।
कंप्यूटर के प्रकार।Types of computers
कंप्यूटर के दो प्रकार पाए जाते हैं।
1-एनालॉग कंप्यूटर
2-डिजिटल कंप्यूटर
एनालॉग कंप्यूटर
इसका उपयोग दिए गए भौतिक निर्देशक या वैल्यू को संशोधित करके परिणाम देखने में किया जाता है। इन कंप्यूटरों को प्रमुख उपयोग विद्युत गृहों में किया जाता है जहां यह तापमान ,वोल्टेज और करंट रीडिंग पर नियंत्रण रखते हैं।
डिजिटल कंप्यूटर।
डिजिटल कंप्यूटर बाइनरी कोड इन पुट प्रणाली पर कार्य करते हैं अधिकांश कंप्यूटर इसी तकनीक प्रकार कर रहे हैं।
कंप्यूटर का इतिहास।history of computer
कंप्यूटर एक अंग्रेजी शब्द है जिसका अर्थ है गणना करना कंप्यूटर का प्रारंभिक उपयोग गणना को करने के लिए किया जाता था। आईए जानते हैं कंप्यूटर के इतिहास की टाइमलाइन के बारे में
१-प्राचीन समय में कार्य अबेकस द्वारा किया जाता था जो की एक चीनी तकनीक थी।
२-सन 1617 में नेपियर बोंस द्वारा बनाए गए यंत्र जिसको बोंस यंत्र कहते थे, इसमें बोंस का उपयोग किया जाता था।
३-सन 1642 में पास्कल द्वारा एक कैलकुलेटर का निर्माण किया गया।
४-सन 1822 में चार्ल्स बबेज ने पहला कंप्यूटर बनाया था। जिसका नाम एनालिटिकल इंजन रखा गया था
५-फर्स्ट जेनरेशन सन (1940 से 1950) तक वैक्यूम ट्यूब का उपयोग करके सर्किट बनाए जाते थे।example-ENIAC
६-सेकंड जेनरेशन (1950-1960)कंप्यूटर का उपयोग ट्रांजिस्टर के द्वारा सर्किट बनाने में किया जाता है।Example -UNIVAC-1107
7-थर्ड जनरेशन(1960-1970) कंप्यूटर इंटीग्रेटेड सर्र्किट द्वारा।Example -UNIVAC 1108
८-फोर्थ जनरेशन कंप्यूटर (1970 से अब तक) माइक्रोप्रोसेसर चिप द्वारा।Example IBM PC
कंप्यूटर का उपयोग(computer use)
आज के समय में कंप्यूटर का उपयोग इतना सर्वव्यापी हो गया है कि इसकी उपस्थिति के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती ,इसका प्रयोग स्कूली शिक्षा से लेकर अंतरिक्ष कार्यक्रम, युद्ध करना ,मौसम की परिस्थितियों, समुद्री तूफानों के कारण एवं विश्लेषण से लेकर छोटे-छोटे खेल खेलने तक हर जगह हो गया है इसकी उपस्थिति के बिना आज के मानव की कल्पना नहीं की जा सकती।
विशेष!
कंप्यूटर साक्षरता मिशन उद्देश्य 05 से 75 वर्ष तक के सभी लोगों को कंप्यूटर की सामान्य जानकारी प्रदान करने हेतु भारत सरकार की योजना दिशा बनाई गई है इसका उद्देश्य सामान्य नागरिकों को सभी प्रकार की सामान्य कंप्यूटर जानकारी प्रदान करना है।
उपसंहार
आज के समय में कंप्यूटर की जानकारी अनिवार्य है क्योंकि बैंकिंग से लेकर अस्पताल तक सभी जगह कंप्यूटर की उपस्थिति है लेकिन इस के दुरुपयोग भी नजर आने लगे हैं जैसे ऑनलाइन डाटा चोरी ,धोखाधड़ी ,आर्थिक नुकसान एवं हैकसृ द्वारा वेबसाइटों का डाटा चोरी कर उसका उपयोग सुरक्षित तंत्र को नष्ट करने में किया जाने लगा है इसके अलावा बढ़ती कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी इसको अपार शक्ति प्रदान करती है जो भविष्य में मानव को कंप्यूटर का दास बना सकता है अतः है इसका जिम्मेदार उपयोग ही सर्वोत्तम उपयोग हो सकता है।
FAQ
1-भारत का पहला कंप्यूटर कौन सा था और उसे किसने बनाया?
-भारत में डेवलप्ड पहला कंप्यूटर सिद्धार्थ था। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने बनाया था इसको पहली बार 1986 में 16 अगस्त को बेंगलुरु हेड पोस्ट ऑफिस डाकघर में लगाया गया था।
2-भारत का पहला सुपरकंप्यूटर कौन था?
-भारत के पहले सुपरकंप्यूटर का नाम परम 8000 था। इसे भारतीय कंपनी सी डैक द्वारा 1991 मे बनाया गया इसके डायरेक्टर डॉक्टर विजय पांडुरंग भाटकर थे।
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