Constitution of India
Constitution of India -भारतीय संविधान निर्माण से लेकर अब तक। सफलता के नए आयाम
भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक विविधता पूर्ण राष्ट्र है जहां विभिन्न धर्म, संप्रदाय एवं मतों को मानने वाले लोग पाए जाते हैं। अतीत में कई सभ्यताएं उपजी, पनपी और समाप्त हो गई। फिर चाहे राज्यकीय शासन व्यवस्था हो या अन्य हमारे देश की अनेकता को अपने में समायोजित करता हुआ हमारा संविधान वर्ष 2023 में 26 नवंबर को अपना 74वां वर्षगांठ बना रहा है, जबकि हमारे साथ पहले आजाद हुए कई मुल्क आज भी भी अपने संविधान को संभाल कर नहीं रख पाए और उसको तहस- नहस कर दिया तो आईए जानते हैं विशेषता व इतिहास( Constitution of India) कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया की।
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| Constitution of India |
भारतीय संविधान क्या है? (What is constitution of India)
भारतीय संविधान वह लिखित पुस्तक या दस्तावेज है जिसको बनाने में हमारे भारतीय मूल्य ,संस्कारों के अलावा विश्व की सफल देशों की सफलता का निचोड़ है इसमें भारत के संप्रभुता व अखंडता बनाए रखने के साथ ही भारत के प्रत्येक कोने से समुचित प्रतिनिधित्व प्राप्त हो इसलिए संसदीय शासन व्यवस्था को शामिल किया गया है जिसे संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 में स्वीकार किया गया एवं 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया
भारतीय संविधान का इतिहास। (History of the Indian Constitution.)
भारतीय संविधान को संविधान सभा के 389 सदस्यों की मेहनत विश्लेषण चर्चा व बहस के 165 दिनों बाद ड्राफ्ट बनाकर पेश किया गया आई जानते हैं इसकी टाइमलाइन के बारे में
१-6 दिसंबर 1946, संविधान सभा का निर्माण।
२-9 दिसंबर 1946 प्रथम मीटिंग सच्चिदानंद सिन्हा अस्थाई अध्यक्ष चुने गए।
३-11 दिसंबर 1946, राजेंद्र प्रसाद स्थाई प्रेसिडेंट एवं एच सी मुखर्जी उपाध्यक्ष के रूप में चुने गए जबकि एम एन राय को लीगल एडवाइजर बनाया गया।
४-13 दिसंबर, 1946। पंडित जवाहरलाल द्वारा संविधान सभा के समक्ष प्रस्तावना के प्रारूप पर चर्चा की गई
५-22 जनवरी, 1947। संविधान सभा द्वारा प्रस्तावना पास की गई
६-22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय झंडा स्वीकार किया गया। इसके प्रारूप पर सहमति प्रदान की गई।
७-15 अगस्त 1947 में भारत आजाद।(भारत विभाजन के बाद संविधान सभा में 299 सदस्य।)
८-29 अगस्त 1947। ड्राफ्टिंग कमेटी का गठन भीमराव अंबेडकर अध्यक्ष चुने गए इनके अलावा इस कमेटी के छह अन्य सदस्य थे
९-16 जुलाई, 1948। एच सी मुखर्जी व वी टी कृष्णमचारी उपाध्यक्ष चुने गए
१०-24 जनवरी, 1950। प्रारूप समिति की आखिरी बैठक
26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया। इस संविधान निर्माण में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन लगे और 6.4
मिलियन का खर्चा आया।
मूल संविधान में 395 अनुच्छेद 8 अनुसूचियां व 22 अध्याय थे।
संविधान की विशेषता।(Features of the Constitution.)
यह विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है जिसमें भारत के सभी नागरिकों के लिए मूल अधिकार ,मौलिक कर्तव्यों, न्याय प्रणाली ,सामाजिक समरसता बनाए रखने के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं इसके अलावा कमजोर वर्गों के लिए अल्पसंख्यक ,विकलागों ,महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण की व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें मुख्य धारा मे लाया जा सके शासन व्यवस्था को तीन भागों में बांटा गया है
१विधायिका
२ कार्यपालिका
३और न्यायपालिका
न्यायपालिका में सर्वोच्च सुप्रीम कोर्ट को माना गया है जिसमें अनुच्छेदों द्वारा संविधान की संरक्षण का अधिकार भी प्राप्त है किसी भी विवाद के निराकरण में सर्वोच्च निर्णय सुप्रीम कोर्ट का ही है इसके अलावा बदलती परिस्थितियों के अनुसार संविधान को संशोधनका अधिकार अनुच्छेद 368 के द्वारा दिया गया है इसके अलावा कुछ विशेष राज्यों को उनकी भाषा एंव सांस्कृतिक विविधता बनाए रखने के लिए विशेष उपबंध किए गए हैं इसके अलावा आपातकालीन परिस्थितियों के लिए भी विशेष उपबंध डाले गए।
निर्माण से आपातकाल तक। (From construction to emergency.)
भारतीय संविधान की सबसे बड़ी खूबसूरती इसकी हर परिस्थिति के अनुसार अपने को लचीला बनाना एवं अपने निर्णय को कठोरता से लागू करना है फिर चाहे वह 1962 का प्रथम आपातकाल भारत चीन युद्ध, 1971 भारत पर पाकिस्तान युद्ध द्वितीय आपातकाल अथवा तीसरा आपातकाल 25 जून 1975 से जनवरी 1977 तक है भारतीय संविधान हमेशा अपने को मुखर करके मजबूत हुआ है।
आपातकाल से वर्तमान तक।
सितंबर 2023 तक भारतीय संविधान में 106 संविधान संशोधन हो चुके हैं जबकि पहला संशोधन 1950 में हुआ था इन संशोधनों ने भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों, राज्यों के अधिकारों को संरक्षित एवं वर्धित किया है इसके अलावा उनकी भाषाओं, संस्कृतियों मत एवं संप्रदायों को भी सुरक्षित रखा है जिससे आज हमारे भारत में विश्व के सभी भाषाओं एवं धर्म को मानने वाले लोग मिल जाएंगे वर्तमान में भारतीय संविधान में 448 अनुच्छेद 25 अध्याय एवं 12 अनुसूचियां हो गई हैं।
उपसंहार।
संविधान स्वीकार करने के पूरे 74 वर्षों बाद आज जहां हमारे साथ के आजाद हुए मुल्क अपने लिए संवैधानिक अस्तित्व से लड़ते नजर आ रहे हैं वहीं भारतीय संविधान अपने को दिन प्रतिदिन मजबूत करता नजर आ रहा है इस संविधान की ताकत ही है कि साधारण मजदूरी करने वाले आज देश व प्रदेश के सर्वोच्च पदों पर बैठकर शासन व्यवस्था चला रहे हैं इस लोकतंत्र की ताकत है कि आज हमारी अर्थव्यवस्था विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है इन सब के बावजूद भी हम हमारे प्रशासनिक व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार ,भाई भतीजा वाद ,राजनीतिक स्वार्थों ने संविधान की महिमा को धूमिल किया है ,बढ़ती बेरोजगारी आय में असमानता , महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध हमें दर्शाते हैं कि हमें अपने संवैधानिक मूल्यों को नैतिक मूल्यों के साथ जोड़कर इन समस्याओं को समाप्त करना चाहिए।
FAQ
1-भारतीय संविधान दिवस प्रतिवर्ष कब मनाते हैं?
-भारतीय संविधान दिवस प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाते हैं यह वर्ष 2015 से प्रत्येक साल मनाया जाता है।
2-भारत की आजादी के समय ब्रिटेन का प्रधानमंत्री कौन था?
-भारत की आजादी के समय ब्रिटेन का प्रधानमंत्री क्लीमेंट रिचर्ड एटली था।
The source link is https://en.m.wikipedia.org/wiki/Constitution_of_India

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