Israel Hamas conflict -इजरायल हमास विवाद इतिहास से वर्तमान तक
शनिवार 7 अक्टूबर 2023, सुबह-सुबह जब जब इजरायली नागरिक अपने पवित्र त्यौहार की छुट्टियां अपने घरों पर बिता रहे थे तब अचानक हमास के बंदूक धारियों ने और रॉकेट लॉन्चरों के द्वारा इसराइल के विभिन्न क्षेत्रों पर ताबड़तोड़ आक्रमण किए गए जिससे निपटने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने हमास के इस कृत्य को युद्ध की श्रेणी में लाकर उसके खिलाफ़ युद्ध की घोषणा कर दी तो आइए जानते हैं कि क्या है Israel -Hamas conflict
इसराइल हमास भौगोलिक स्थिति।
इसराइल और हमास दोनों पश्चिम एशिया के देश हैं इजरायल जहां अपनी सीमाएं लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और मिस्र से साझा करता है वही हमास फिलिस्तीन के गाजा पट्टी का एक सुन्नी मुसलमान का कट्टर संगठन है जिसका नियंत्रण और प्रशासन गांजा पट्टी में है।
Israel Hamas conflict
इजराइल
14 मई 1948 को फिलिस्तीन से ब्रिटिश सत्ता समाप्त होने पर बना । 1980 तक इसकी राजधानी तेल अवीब थी व उसके बाद उसने अपनी राजधानी जेरूसलम को घोषित किया
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हमास
का गठन 1987 में किया गया। हमास एक सुन्नी इस्लामी संगठन है इसने इजरायल के अस्तित्व को नकारा है और उसको जड़ से समाप्त करना चाहता है दिसंबर 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा पेश अमरीकी प्रस्ताव हमास को आतंकवादी मानने का खारिज कर दिया गया था।
कनाडा, जापान व अमेरिका जैसे देश इसे आतंकवादी संगठन मानते हैं वही चीन व रुस जैसे देश इसे आतंकवादी संगठन नहीं मानते हैं।
हमास को अंतरराष्ट्रीय रूप से समर्थन देने वालों में सऊदी अरब ,तुर्की और पाकिस्तान शामिल है।
इसराइल हमास विवाद के कारण
पहला कारण- वेस्ट बैंक 1967 के युद्ध में इजरायल ने इसे अपने कब्जे में रखा है इस पर इजरायल और फिलिस्तीन दोनों अपना हक जताते हैं ।
दूसरा -गाजा पट्टी इसराइल और मिश्र के बीच है 2005 में इजरायल ने यहां से अपनी सेना हटा ली और उस पर अनेक प्रतिबंध लगाए ।
तीसरा- सीरिया पठार पर गोल्डन हाइट है ।यहां पर 1967 से इसराइल का कब्जा है
चौथा- इजरायल की दोहरी नागरिकता 1967 में पूर्वी येरुशलम में पैदा होने वाले सभी यहूदियों को इसराइल अपना नागरिक मानता है जबकि फिलिस्तीनियों को शर्तों के साथ नागरिकता प्रदान करता है।
वर्तमान कारण।
हमास का कहना है कि म़ई 2021 में इजरायल ने येरुशलम में मुसलमानोके पवित्र अल अक्सा मस्जिद को नुकसान पहुंचाया था जिसका बदला लेने के लिए उसने यह कार्य वर्तमान में किया।
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इसराइल हमास युद्ध का भारत पर असर।
भारत के साथ इजराइल का कारोबार 10 बिलियन डॉलर से थोड़ा ज्यादा है वर्ष 2023 में इसराइल को निरयात 8़.30 बिलियन और आयात2.3 बिलियन डॉलर से ज्यादा का हुआ लंबे पश्चिम एशिया युद्ध में भारत को कच्चे तेलों में महंगाई व खाद्य पदार्थों में महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
इसराइल हमास युद्ध पर अंतर्राष्ट्रीय देशों का नजरिया
अमेरिका ,भारत ,यूरोपीय यूनियन ,जर्मनी ,फ्रांस जैसे देशों ने इसराइल को अपनी आत्मरक्षा का अधिकार दिया है वहीं रूस और चीन ने शांति बरतने की अपील की है इसके अलावा सऊदी अरब, पाकिस्तान , ईरान जैसे देशों ने हमास के इस कृत्य को सही बताया है और कहा है कि फिलिस्तीनियों को अपनी आत्मरक्षा करने का अधिकार है।
विशेष!
युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं होता है इससे हमेशा मानवता की ही क्षति होती है अतः अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वह दोनों पक्षों को एक मंच पर लाकर उनसे युद्ध को समाप्त करने की घोषणा करें और आपस के सभी मुद्दों को शांति व समझौता से समाधान निकालने का प्रयास करें।
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