Happy janmashtmi (Hindi)-
श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व कब कैसे और क्यों मनाया जाता है। Happy janmashtmi-पूरे विश्व में श्री कृष्ण का चरित्र ही ऐसा है जिन्होंने युद्ध के मैदान में मानव जीवन को जीने वाले अनमोल वचन दिए हैं जिनका अनुसरण करके मनुष्य इस लोक के साथ-साथ अपने जीवन उपरांत गतियों को भी बदल सकता है श्री कृष्ण जन्माष्टमी वास्तव में वह दिन है जब व्यक्ति इस संसार को बनाने वाले ईश्वर की अवतार कथा का मनन ,चिंतन ,पूजन व श्रवण करता है।
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श्री कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व-
ईश्वर को मानने वालों के लिए यह दिन अविस्मरणीय रहता है इस दिन भक्त अपने भगवान की एक झलक देखने के लिए पूरे दिन व्रत रखकर ईश्वर की भक्ति करता रहता है। जन्माष्टमी(Happy janmashtmi) का महत्व देश और विदेश के लाखों मंदिरों व उसमें लगातार आयोजित होने वाले कार्यक्रमों से पता चbyलता है मथुरा वृंदावन में पूरा समूचा जनमानस ऐसे प्रसन्नचित रहता है जैसे अभी ही ईश्वर का नूतन जन्म होने वाला है जन्माष्टमी का महत्व कवियों में रसखान ,सूरदास जैसे प्राचीन लेखन के साथ ही उनके भक्तों को पूरे वर्ष रहता है।
जन्माष्टमी कब मनाया जाता है? जन्माष्टमी विष्णु के आठवें अवतार श्री कृष्ण के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद के कृष्ण पक्ष के अष्टमी (आठवें )दिन में मनाया जाता है जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अगस्त व सितंबर के साथ अधिव्यापित होता है इसे गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है श्री कृष्ण देवकी व वासुदेव के पुत्र हैं व इनका जन्म मामा कंस के अत्याचारों से संपूर्ण प्रजा को मुक्त करने के तौर पर मनाया जाता है। जन्माष्टमी क्यों मनाया जाता है?
जन्माष्टमी का त्योहार पूरे विश्व में भगवान कृष्ण के जन्म दिवस के उत्सव रूप में मनाया जाता है इस दिन भक्त लोग अपने प्रभु के आगमन के लिए तैयारी करते हैं और उनके भजन कीर्तन करते हैं वह रात 12:00 बजे जब भगवान का जन्म होता है उसके बाद ही प्रसाद ग्रहण करते हैं।
Happy janmashtmi. You can also read https://mymytruedream121234.blogspot.com/2023/09/Teachers.%20%20day.html जन्माष्टमी पर्व का महत्व। जन्माष्टमी के व्रत को व्रतों का राजा कहा जाता है। इस दिन व्रत रहने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि में वृद्धि होती है।निः संतान दंपति यदि इस दिन चांदी के कान्हा जी लाकर विधि विधान से पूजा करें तो मन चाहे संतान प्राप्त होती है परिवार में कलह और दरिद्रता का नाश होता है । जन्माष्टमी पर्व कैसे मनाया जाता है? भक्त लोग पूरे समय मंदिरों में जाकर भजन कीर्तन का पाठ करते हैं। मंदिरों को बड़े हर्षोल्लास के साथ सजाया जाता है परिवार के सदस्य घर पर ही भागवत गीता व रामचरितमानस का पाठ करते हैं । घर में छोटे-छोटे बालकों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाकर उनका पूजन करते हैं । यादव समुदाय के लोग पूरे देश व विदेश में जहां भी हैं श्री कृष्ण की झांकी घरों में सजा कर चल समारोह निकलते हैं। महाराष्ट्र सहित पूरे विश्व में दहीहंडी का आयोजन किया जाता है इस दिन कई टीमें जन्मोत्सव के रूप में दही के मटके को तोड़कर खुशी पूर्वक जन्माष्टमी का त्यौहार मनाते हैं।  |
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https://mymytruedream121234.blogspot.com/2023/08/bhai-bahen-ka-atoot-bandhan-raksha.html निष्कर्ष- वास्तव में श्रीकृष्ण ही ऐसे भगवान हैं जिनके हर रूप की पूजा होती है। आज भी महिलाएं अपने बच्चों के कान्हा के रूप में देखना चाहते हैं ,प्रेमियों में राधा कृष्ण का रूप प्रचलित है हर मित्र अपने लिए श्री कृष्ण जैसा मित्र तलासता है ज्ञान और विश्वास के लिए लोग कर्मयोगी श्री कृष्ण जैसा बनना चाहते हैं । आज जन्म के हजारों वर्षों बाद भी श्री कृष्ण का आकर्षण बना हुआ है और उसमें लगातार वृद्धि हो रही है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण इसकान समिति और ट्रस्ट से जुड़े हुए पूरे विश्व के युवाओं में देखने को मिलता है । जय श्री राधे The source link is https://en.m.wikipedia.org/wiki/Krishna_Janmashtami
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