National pension scheme (NPS)

 National pension scheme (NPS) 

क्या है इसके फायदे और नुकसान?


राष्ट्रीय पेंशन योजना केंद्र सरकार की एक पेंशन स्कीम है जिसको 1 जनवरी 2004 से नियुक्त सभी शासकीय कर्मचारी (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए लागू किया गया है। उसका नियमन व नियंत्रण भारत सरकारPFRDA द्वारा किया जाता है।
National pension scheme 



वर्ष 2009 से यह स्कीम सभी नागरिकों के लिए खोल दी गई है। एनपीएस(National pension scheme- NPS) के तहत कर्मचारी रिटायरमेंट के समय कुल जमा राशि का 60 प्रतिशत निकाल सकते हैं और बाकी 40% राशि से पेंशन प्राप्त होती है।


एनपीएस अकाउंट कैसे खोलें?(How to open NPS account?)

कोई भी देश का नागरिक जिसकी आयु 18 से 70 वर्ष के बीच है। इसमें खाता खोल सकता है। इसे निश्चित केवाईसी की मानदेय का पालन करना चाहिए। वह ऑनलाइन खाता एवं ऑफलाइन दोनों प्रकार से खोला जा सकता है।

एनपीएस खाते के प्रकार।

एनपीएस खाता दो प्रकार का होता है।
 १-पहला टियर वन खाता (Tier 1 account  )

२-दूसरा टियर 2 खाता।
(Tier 2 account.)
१-टियर वन खाता-यह एक सेवानिवृत्ति रिटायरमेंट खाता है। इसको खोलने के लिए न्यूनतम राशि ₹500 है इसकी अधिकतम धनराशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है इस खाते से निकासी पेंशन नियमों के तहत होती है शासकीय कर्मचारियों को अपने मूल वेतन का 10% इसमें योगदान देना होता है।

२-टियर 2खाता-यह स्वैच्छिक (वॉलंटरी )खाता है। इसकी निकासी आप अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं। इसको खोलने के लिए न्यूनतम राशि ₹1000 है। इसे प्राप्त राशि में शासकीय कर्मचारी को डेढ़ लाख रुपए तक कर में छूट प्राप्त होती है।

एनपीएस के फायदे(Benefits of NPS)

एनपीएस के 50% हिस्सा सरकार द्वारा एक इक्विटी (शेयर) पर निवेश किया जाता है। साधारणता यह पीएफ जैसे परंपरागत निवेश  से ज्यादा रिटर्न प्रदान करता है अभी तक इसने 9% से 12% तक वार्षिक रिटर्न दिया है।

लचीलापन

 एनपीएस अकाउंट में आप अपने निवेश की राशि बदल सकते हैं और नौकरी बदलने पर आपको नया एनपीएस अकाउंट खोलने की आवश्यकता नहीं होती है।

नियोक्ता योगदान। 

कर्मचारी द्वारा 10% व केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए 14% की राशि जमा कराई जाती है प्राइवेट क्षेत्र में यह राशि नियोक्क्ता द्वारा जमा कराई जाती हैं। 

निगरानी एवं मैनेजमेंट में पारदर्शिता। 

वर्तमान में एनपीएस अकाउंट को PFRDA  द्वारा फंड की निगरानी व सुरक्षा प्रदान की जाती है।

एनपीएस से निकासी नियम। 

रिटायरमेंट पर कर्मचारी अपनी पूंजी का उसका 60% निकल सकता है व 40% राशि से उसकी पेंशन प्राप्त होती रहती है किंतु यदि कर्मचारी की पूरी अर्जित राशि 5 लाख रुपए या इससे कम है तो वह 100% राशि निकाल सकता है।

आंशिक निकासी नियम। 

वर्तमान संशोधित नियम 2023 के अनुसार कर्मचारी अपने सेवा काल से अधिकतम तीन बार एनपीएस खाते से पैसा निकाल सकता है पैसे निकालने के चार कारण हो सकते हैं।
1-  बच्चों की उच्च शिक्षा 
2- बच्चों की शादी 
3- अपने भवन निर्माण हेतु जमीन खरीदना
 /निवास निर्माण 
 4- गंभीर बीमारी की इलाज हेतु

समय से पहले बाहर निकलना 

आप अपनी राशि का अधिकतम 20% निकाल सकते हैं। 60 वर्ष आयु से पहले राशि निकालने पर यदि वह रकम ढाई लाख रुपए से कम है तो 100% एक मुश्त्  राशि निकाली जा सकती है। 

कर्मचारी की मृत्यु पर संपूर्ण अर्जित राशि। कानूनी रूप से उत्तराधिकारी को 100% दिया जाता है।

एनपीएस के नुकसान।(Disadvantages of NPS.)

1-जीवन काल में तीन बार ही निकाला जा सकता है। 
2-निकासी राशि की आय पर शासन द्वारा 20% कर लगाया जाता है
3- इक्विटी में अधिकतम 75% पर निवेश किया जा सकता है।
4- एनपीएस फंड मैनेजर चुनने की जटिल प्रक्रिया होती है।


एनपीएस कैलकुलेटर।

यहां पर आप अपने एनपीएस खाते के द्वारा कितनी पेंशन प्राप्त होगी इसकी आप कैलकुलेशन कर सकते है। 

एनपीएस सहायता

 सामान्य काँल  सेंटर।-1800110708
ग्राहक कॉल सेंटर-1800222080


FAQ 

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